कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी : प्रधानमंत्री 


कोलकाता, 12 जनवरी । प्रधानमंत्री ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखने की भी घोषणा की।


प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में भाग लिया।प्रधानमंत्री ने  मूल पोर्ट जेटी के स्थल पर एक पट्टिका का अनावरण किया। 


प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बंदरगाह भारत के विदेशी शासन से आजाद होने जैसे देश के कई ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी रहा है। इस बंदरगाह ने सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह तक देश को बदलते देखा है। इस बंदरगाह ने न केवल खेपें, बल्कि ज्ञान के वाहक भी देखे हैं जिन्होंने देश और दुनिया पर अपनी छाप छोड़ी है। कोलकाता का यह बंदरगाह एक तरह से औद्योगिक, आध्यात्मिक और आत्मनिर्भरता के लिए भारत की आकांक्षा का प्रतीक है।


प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पोर्ट एंथम का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के लोथल बंदरगाह से कोलकाता बंदरगाह तक भारत का लंबा तटीय क्षेत्र न केवल व्यापार और व्यवसाय में लगा रहा बल्कि दुनिया भर में सभ्यता और संस्कृति के प्रसार का भी काम करता रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मानती ​​है कि हमारे तट विकास के द्वार हैं। यही कारण है कि सरकार ने बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और बंदरगाहों को जोड़ने के काम में सुधार के लिए सागरमाला परियोजना शुरू की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 3600 परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 200 से अधिक परियोजनाएं चल रही हैं और लगभग एक सौ पच्चीस परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
 उन्होंने कहा कि कोलकाता बंदरगाह नदी जलमार्गों के निर्माण के कारण पूर्वी भारत के औद्योगिक केंद्रों से जुड़ा हुआ है। इससे नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों के साथ व्यापार करना आसान हो गया है।