एलएनजी की कीमत के निर्धारण को कच्चे तेल की कीमत से अलग हो ।


नई दिल्ली, 15 फरवरी । केन्‍द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और इस्‍पात मंत्री  धर्मेन्‍द्र प्रधान ने कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र का भविष्‍य मौजूदा अवतार से अलग होगा।
उन्होने कहा कि भविष्‍य में यह नई तकनीक और नए कारोबारी मॉडल के दम पर आगे बढ़ता नजर आएगा। 
10वीं विश्‍व पेट्रोकोल कांग्रेस के उद्घाटन भाषण के अवसर पर आज उन्‍होंने कहा, ‘‘हम उत्‍कृष्‍ट भारतीय प्रौद्योगिकी पर शोध संस्‍थानों के साथ व्‍यापक और गुणात्‍मक भागीदारी विकसित करने के लिए घरेलू तेल और गैस कंपनियों को प्रोत्‍साहन दे रहे हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सात भारतीय तेल और गैस पीएसयू तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र स्‍थापित करने के लिए बीते साल आईआईटी बम्‍बई के साथ जुड़ चुके हैं। 
प्रधान ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में ऊर्जा क्षेत्र में जारी बदलावों को तभी ज्‍यादा आसान बनाया जा सकता है, जब इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएं। ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक में व्‍यापक रूप से बदलाव हो रहा है। वास्‍तव में औद्योगिक क्रांति 4.0 का आगाज जल्‍द होने जा रहा है। भारतीय ऊर्जा कंपनियों को नई तकनीकों को तेजी से अपनाना और लागू करना होगा। हमें ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों को लुभाने के लिए भारत में नए मंच तैयार करने की जरूरत है।’’