गृह रक्षा स्वयं सेवकों को स्थायी करने का प्रावधान नहीं

 

 

जयपुर, 14 फरवरी।  गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री  भजनलाल जाटव ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राजस्थान होमगार्डस नियम 1962 में गृह रक्षा स्वयं सेवकों को स्थायी करने का प्रावधान नहीं है। 

 

 जाटव प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि बॉर्डर होमगार्ड्स में एल- 5 को 779, एल- 3 को  682 तथा एल- 1 को 661 रूपये प्रतिदिन मानदेय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार होमगॉर्ड्स को वर्दी, जूते तथा जूतों की किट भी उपलब्ध कराती है।

 

इससे पहले जाटव ने विधायक  गोविन्द प्रसाद के मूल प्रश्न के जवाब में बताया कि पुलिस, जेल, आबकारी,वन विभाग एवं आरएसी सहित गृह रक्षा के स्थायी कर्मियों की सेवा निवृति की आयु 60 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने बताया कि राजस्थान होम गार्ड नियम 1962 के अन्तर्गत सीमा गृह रक्षा दल स्वयं सेवकों का नामांकन 5 वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है। गृह रक्षा नियमों में स्वयं सेवकों हेतु अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित है। उक्त स्वयं सेवको की नामांकन अवधि 60 वर्ष करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नही है।

 

श्री जाटव ने बताया कि राजस्थान होमगार्ड नियम 1962 के अन्तर्गत सीमा गृह रक्षा स्वयं सेवकों को 5 वर्ष के लिए नामांकन किया जाता है, जिसमें गुणवत्ता के आधार 55 वर्ष आयु सीमा तक वृद्धि की जा सकती है। राजस्थान होमगार्डस नियम 1962 में गृह रक्षा स्वयं सेवकों को स्थायी करने का प्रावधान नहीं है।