पद रिक्त होने पर वरीयता के आधार पर अतिरिक्त कार्यभार देय

 




 

जयपुर, 14 फरवरी। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि महिला एवं बाल विकास अधिकारी का पद रिक्त होने पर वरीयता के क्रम में सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद समकक्ष अन्य अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार दिया जाता है।

 

श्रीमती भूपेश प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थी। उन्होेंने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले में महिला एवं बाल विकास अधिकारी का पद रिक्त होने पर क्रमशः बाल विकास परियोजना अधिकारी, विकास अधिकारी तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दिया जाता है तथा इन अधिकारियों के भी अनुपस्थिति रहने पर महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सक्षम स्तर पर अनुमोदन प्राप्त करने के बाद अन्य अधिकारी को दिया जा सकता है।

 

इससे पहले श्रीमती भूपेश ने प्रश्न काल में विधायक श्रीमती जाहिदा खान के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि विभाग में महिला एवं बाल विकास अधिकारी का पद रिक्त होने पर क्रमशः निकटतम परियोजना के बाल विकास परियोजना अधिकारी, विकास अधिकारी तथा मुख्य  ब्लॉक शिक्षा अधिकारी में से किसी एक को वरीयता अनुसार दिये जाने की नीति निर्धारित की गयी है। उन्होंने बताया कि उक्त के अलावा अन्य किसी अधिकारी को बाल विकास परियोजना अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सक्षम अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात दिया जा सकता है।

 

श्रीमती भूपेश ने बताया कि विभाग में कार्यरत महिला पर्यवेक्षकों के स्थानान्तारण विभागीय गतिविधियों के सुचारू संचालन एवं प्रशासनिक आधार पर व पर्यवेक्षक द्वारा की गयी प्रार्थना के आधार पर एक जिले से दूसरे जिले की परियोजना में किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश की प्रति सदन के पटल पर रखी।