डिजिटल एक्‍सेस में तीन गुना वृद्धि 

 


  नई दिल्ली, 28 मार्च ।  मानव संसाधन विकास मंत्रालय अपनी ऑनलाइन/डिजिटल शिक्षा पहलों के माध्‍यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान विद्या‍र्थी अपने घरों में बैठकर भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। 


केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने विद्यार्थियों से इन शिक्षण प्‍लेटफॉर्म्‍स का लाभ उठाने और अपने बहुमूल्‍य समय का अच्‍छा और सर्वोत्‍तम उपयोग करने की अपील की है। इसकी प्रतिक्रिया जबरदस्‍त रही है।


पिछले सप्‍ताह भर में राष्‍ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा प्‍लेटफॉर्म स्‍वयं और अन्‍य डिजिटल पहलों तक पहुंच में तीन गुना वृद्धि हुई है।  श्री रमेश पोखरियाल ने कहा है कि बेहतरीन शिक्षण संसाधनों तक निशुल्‍क पहुंच के प्रावधान किए जाने के बाद स्‍वयं को एक्‍सेस करने में यह वृद्धि देखी गई है, जबकि इससे पहले स्‍वयं के पाठ्यक्रम समयबद्ध थे, जिनके लिए अग्रिम तौर पर पंजीकरण कराने की आवश्‍यकता होती थी। उन्‍होंने बताया कि अब इस लॉक डाउन अवधि का सकारात्‍मक उपयोग करने और ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए इसे किसी भी शिक्षार्थी द्वारा बिना किसी पंजीकरण के निशुल्‍क देखा जा सकता है।


23 मार्च 2020 के बाद से लगभग 50,000 लोगों ने स्‍वयं को एक्‍सेस किया है। यह संख्‍या स्‍वयं के जनवरी 2020 सेमेस्टर के 571 पाठ्यक्रमों में पहले ही नामांकन करवा चुके 25 लाख  विद्यार्थियो/ शिक्षार्थियों के अतिरिक्‍त है। स्‍वयं में 1900 पाठ्यक्रमों का स्रोत है, जिन्‍हें 60 से ज्‍यादा देशों के लोगों द्वारा एक्‍सेस किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश भारत से हैं और अन्‍य देशों में अमेरिका, संयुक्‍त अरब अमीरात, जर्मनी, नेपाल, सिंगापुर, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया शामिल है।


स्‍वयं प्रभा डीटीएच टीवी चैनलों के वीडियो को प्रतिदिन लगभग 50,000 लोगों द्वारा देखा जा रहा है। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी को लगभग 43,000 लोगों द्वारा प्रतिदिन एक्‍सेस किया जा रहा है, जो सामान्‍य तौर पर उसे एक्‍सेस करने वाले लोगों की संख्‍या के दोगुना से अधिक है।