निर्भया की मां का सम्मान होगा ब्रिटिश पार्लियामेट में 


जयपुर 20 मार्च। निर्भया के गुनहगारोें को उसकी मां आशा देवी ने एक लम्बे संघर्ष के बाद आखिरकार फांसी दिलाकर न्याय हांसिल कर पूरे देश में अपनी एक अमिट छाप छोडी है। लगभग असम्भव से लगने वाले काम को उन्होने सडक से लेकर न्यायालय तक संघर्ष किया है। इस संघर्ष में उन्हें साढे सात साल तक लेकिन उनके इस संघर्ष से हर मां को एक प्रेरणा मिली है।
उनके संघर्ष को सलाम करते हुये संस्कृति संस्था ने आशा देवी को ‘‘भारत गौरव’’ अवार्ड देने की घोषणा की है। 
संस्कृति संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया है कि निर्भया की मां ने ना केवल अपनी बेटी के लिये वरन पूरे देश की बेटियों के लिये न्याय मांगा और दोशियों को फांसी पर लटकाकर एक इतिहास रचा है। 
उन्होने कहा कि संस्था ने इसवर्ष के ‘‘भारत गौरव अवार्ड’’ देने का निर्णय लिया है। यह समारोह लंदन की ब्रिटिश पार्लियामेंट और न्यूर्याक में, युनाइटेड नेशन में देश-विदेश में भारत का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को ‘‘भारत गौरव’’ के अलंकरण से विभूुषित किया जाता है।