बच्ची ने दम तोड दिया , अभागा पिता इंतजार करता रहा  ।



जगदलपुर 22 अप्रैल । अपने परिजनों का पेट भरने के लिए कमाने के लिए परिचितों के साथ शहर गयी  मासूम बच्ची लाकडाउन लगने के बाद घर लौटने का साधन नहीं मिला तो अपने गांववालों के साथ 100 किलोमीटर दूर पैदल चल कर घर आ रहीं थी लेकिन 12 साल की बच्ची ने घर पहुंचने से कुछ किलोमीटर पहले ही दम तोड दिया ।
  मृतका के पिता  12 साल की बेटी जमलो मडकम का इंतजार कर रहे थे लेकिन अभागे पिता को उसके मौत की खबर मिली ।


बीजापुर जिले के ग्राम आदेड़ की 12 वर्षीय जमलो मड़कम की मृत्यु हो जाने पर मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता उनके परिवारजनों को उपलब्ध करायी जा रही है। 


    बीजापुर जिला प्रशासन के अनुसार जिले के विकासखण्ड बीजापुर के ग्राम आदेड़ से 12 सदस्यीय दल 2 फरवरी को कनहाईगुड़ा तेलंगाना में मिर्ची तोड़ने गए थे। वर्तमान में कोरोना वायरस की महामारी से सुरक्षा के लिए लॉकडाउन होने के कारण सभी 12 सदस्य 15 अप्रैल को कार्यस्थल तेलंगाना से अपने निवास स्थान के लिए पैदल निकले थे।


 18 अप्रैल को भण्डारपाल विकासखण्ड उसुर के समीप पहुंचकर सभी लोगों ने भोजन किया। भोजन के उपरांत सबेरे 10 बजे कुमारी जमलो मड़कम उम्र 12 वर्ष पिता आंदो मड़कम को गले में दर्द, पेट दर्द एवं सांस लेने में परेशानी होने के कारण मृत्यु हो जाने की जानकारी मृतिका के जीजा श्री सुनील माड़वी ने दी। 
    सूचना के अनुसार मृतिक बालिका रात्रि में स्वस्थ्य थी और भोजन भी किया था। शाम 4 बजे सीएमएचओ एवं डॉ. पी. विजय द्वारा मृतिका के शव को शव वाहन में जिला चिकित्सालय लाया गया और अन्य 11 सदस्यों को दूसरे वाहन से बीजापुर लाकर कोरेंटाइन सेंटर में कोरेंटाइन किया गया। 
19 अप्रैल को मृतिका का ब्लड सैंपल की रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से नेगेटिव आने पर 20 अप्रैल को जिला चिकित्सालय बीजापुर द्वारा थाना कोतवाली बीजापुर को सूचना देते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया एवं मृतिका के परिवार को शव सुपुर्द कर दिया गया। पोस्टमार्टम उपरांत विसरा प्रीजर्व जांच के लिए रायपुर भेजा गया।
  इधर रााज्य सरकार ने बीजापुर जिले के ग्राम आदेड़ की 12 वर्षीय जमलो मड़कम की मृत्यु हो जाने पर मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता उनके परिवारजनों को उपलब्ध करायी जा रही है। फोटो साभार भास्कर