दृष्टिबाधित बालकों को  त्वरित सहायता
 

जयपुर Jaipur 03 अप्रेल। ‘‘लॉकडाउन के बाद तीन-चार दिन बीते तो रसद खत्म हो गई, तब चिंता हुई कि अगले दिन कैसे चलेगा, लेकिन जिला प्रशासन के वॉर रूम में जैसे ही एक संदेश पहुंचा, हमारी सारी परेशानी दूर हो गई।

 

यह कहना है विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित विकलांग बालिका प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक डॉ.गजानन्द अग्रवाल का।  अग्रवाल यहां करीब एक दर्जन नेत्रहीन बालकों के साथ एक एनजीओ के रूप में बालकों की देखरेख करते हैं। वे स्वयं भी दृष्टि बाधित हैं।

 

उन्होंने बताया कि पहले भी दानदाताओं के सहयोग से केन्द्र की व्यवस्था चल रही थी, लेकिन लॉकडाउन होने के बाद राशन खत्म हो गया। किसी तरह जिला प्रशासन के वॉर रूम तक बात पहुंचाई तो विश्वास ही नहीं हुआ कि आधे घंटे में जिला कलक्ट्रेट से फोन आ गया और उसके आधे घंटे में वॉर रूम के प्रभारी अतिरिक्त जिला कलक्टर चतुर्थ  अशोक कुमार के निर्देश पर एसडीएम, उत्तर श्रीमती ओम प्रभा स्वयं वहां तैयार भोजन के साथ पहंंुच गई।