झुंझुनूं में जल्द शुरू होगी कोरोना की जांच

झुंझुनूं, एक अप्रेल ।  झुंझुनूं में जल्द शुरू होगी कोरोना की जांच सुविधा। इसके लिए बीडीके अस्पताल में लैब स्थापित होगी । 


सरकार ने 10 लाख रुपए भेजे अस्पताल को। पीडब्लूडी ने भी अपना काम किया शुरू। जांच की मशीनें सरकार उपलब्ध करवायेगी ।
पीएमओ डॉ. शुभकरण कालेर ने दी जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना जांच लैब सात दिन में शुरू हो जाए यह कोशिश की जा रही है ।मेडिकल कॉलेजों के बाद पहली लैब होगी झुंझुनूं की


 राजस्थान में मेडिकल कॉलेजों के बाद झुंझुनूं पहला जिला होगा। जहां पर कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की जांच हो सकेगी। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है और साथ ही बजट भी जारी कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि आने वाले सात से 10 दिनों में यह लैब स्थापित हो जाएगी। पेश है एक रिपोर्ट-


 झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में जल्द ही कोरोना जांच के लिए लैब स्थापित होगी। सरकार ने इसके लिए झुंझुनूं बीडीके अस्पताल को 10 लाख का शुरूआती बजट आवंटित कर दिया है। जिसके बाद पीडब्लूडी ने बीडीके अस्पताल में स्थित रेड क्रॉस भवन में लैब स्थापित करने के लिए काम शुरू कर दिया है। पीएमओर डॉ. शुभकरण कालेर ने बताया कि लगातार निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा से बातचीत के बाद आखिरकार उन्हें बजट मिल गया है। उन्होंने पीडब्लूडी को कहा है कि वे सप्ताहभर में निर्धारित नक्शे के मुताबिक लैब तैयार कर दें। ताकि सरकार से एक्यूपमेंट मंगवाकर लैब शुरू की जा सके।
 बीडीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. शुभकरण कालेर ने बताया कि इसके अलावा उनसे स्टाफ संबंधी जानकारी भी मांगी गई थी। उन्होंने पांच चिकित्सक, 10 टेक्निशियन के अलावा एसोसिएट स्टाफ व माइक्रो बायोलिस्ट आदि की जानकारी भेज दी है। जिसके बाद उन्हें जवाब मिला है कि मशीनें भेजने के बाद या तो स्टाफ भी लगाया जाएगा। या फिर वर्तमान स्टाफ को ही प्रशिक्षित कर उन्हें काम में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस लैब की स्थापना होने के बाद कोरोना संदिग्धों के सैंपलों को जांच के लिए जयपुर नहीं भिजवाना पड़ेगा। साथ ही जल्द से जल्द उनकी रिपोर्ट भी सामने आ सकेगी।


 आपको बता दें कि झुंझुनूं प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा। जहां पर मेडिकल कॉलेज ना होने के बावजूद भी कोरोना संदिग्धों की जांच शुरू होगी। वहीं झुंझुनूं में इस पीसीआर लैब के स्थापित होने के बाद अन्य जांचों में भी सुविधा मिलेगी और झुंझुनूं में कोरोना संक्रमण को रोकने में भी फायदा मिलेगा। क्योंकि जांच रिपोर्ट जल्दी और सही मिल सकेगी।