नियमों में संशोधन नहीं होने तक कोचिंग विद्यार्थियों को नहीं बुलायेंगे: मुख्यमंत्री


पटना, 27 अप्रैल  : कोरोना वायरस पर आयोजित प्रधानमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हुए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के कोटा में कोचिंग संस्थान में बिहार के छात्र भी बड़ी संख्या में पढ़ते हैं। कुछ राज्य अपने छात्रों को वहां से वापस बुलाए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से कोटा के छात्रों के संबंध में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के गाइड लाइन के अनुरुप हम लोग लाकडाउन का पालन कर रहे हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सेंट्रल डिजास्टर एक्ट के अनुसार अन्तर्राज्यीय आवागमन पर प्रतिबंध है। जब तक नियमों में संशोधन नहीं होगा तब तक किसी को भी वापस बुलाना नियम संगत नहीं है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार इसके लिये आवश्यक दिशा निर्देश जारी करे। कोटा ही नहीं देश के अन्य हिस्सों में भी बिहार छात्र/छात्रायें पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में बिहार के लोग जो बाहर फंसे हैं 


मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 14 अप्रैल के पहले राज्य में कोरोना संक्रमण के 66 पॉजिटिव मामले थे और आज तक 290 मामले हो चुके हैं  । राज्य के 22 जिलों के 48 प्रखंडों में कोरोना से संक्रमित मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना की जांच के लिए 6 लैब काम कर रहे हैं, जिससे जांच में तेजी आयी है।


उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए हमलोगों ने पूरे राज्य में पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करा रहे हैं। अब तक 75 लाख परिवारों के 4 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 


 


उन्होंने फोन के माध्यम आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानिक आयुक्त के कार्यालय, बिहार भवन नई दिल्ली और मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी समस्याएं बतायींअब तक ऐसे 1 लाख से अधिक फोन कॉल्स एवं मैसेजेज आ चुके हैं। ऐसे लोगों से फीडबैक लेकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम किए जा रहे हैं। हमलोगों ने राज्य के बाहर फंसे बिहार के मजदूरों एवं जरुरतमंद व्यक्तियों के लिए सहायता राशि के रुप में मुख्यमंत्री विशेष सहायता अंतर्गत 1,000 रुपये देने का 15 लाख लोगों को इसका लाभ दिया जा चुका है ।25 लाख फार्म आ चुके है ।