शराब , नशीले पदार्थों का सेवन छोड़ना चाहते हैं-आर्ट ऑफ लिविंग की हेल्पलाइन


बेंगलुरु, 27 अप्रेल : सहयोगी स्वयं सेवकों से मिलें,जो देशभर में नशे की लत छोड़ने वाले लोगों तक पहुंच रहे हैं।


शराब और अन्य नशीले पदार्थों की अनुपस्थिति में उत्पन्न होने वाले गहन मानसिक तनाव और शारीरिक लक्षणों से गुजर रहे लोगों की मदद करने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग ने एक हेल्पलाइन शुरू की है।गुरुदेव श्री श्री रविशंकर,संस्थापक आर्ट ऑफ लिविंग ने महीने की शुरुआत में ही प्रभावित समुदाय के लोगों को ठीक प्रकार से सहारा देने के लिए दीर्घकालीन दृष्टिकोण के साथ इमरजेंसी के रूप में इस हेल्पलाइन की शुरुआत की।


नशे की लत के लिए हेल्पलाइन नंबर 08067612325 है।आर्ट ऑफ लिविंग की यह नई हेल्पलाइन नशीले पदार्थों की लत से ग्रस्त लोगों को सहारा और परामर्श देने की लाइन बनी रहेगी।वर्षों से आर्ट ऑफ लिविंग के नशामुक्ति कार्यक्रमों ने लोगों को अपनी लतों से छुटकारा पाने,खुश रहने और समाज एवम् अपने परिवारों के लिए उत्पादक जीवन जीने में हज़ारों लोगों की मदद की है।


देशभर में चल रहे लॉक डाउन के अन्तर्गत, समाचार पत्रों में नशीले पदार्थ ना मिलने के कारण से संबंधित आत्महत्या और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों की रिपोर्ट आ रही हैं।यह हेल्पलाइन सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाली हेल्पलाइन के रूप में कार्य कर रही है।


विक्रम एम,आर्ट ऑफ लिविंग के प्रोजेक्ट प्रमुख ने कहा, " यह हेल्पलाइन उन लोगों के लिए उपचार की व्यवस्था करेगी,जो नशीले पदार्थों का सेवन छोड़ना चाहते हैं और उन लोगों को प्रोत्साहन देगी,जिन्होंने नशीले पदार्थों के सेवन को छोड़ने का अभी निश्चय नहीं किया है।एक मनोचिकित्सक की देखरेख में उनके चिकित्सीय उपचार के साथ - साथ तीन महीनों तक टेलीफोन पर परामर्श जारी रहेगा।"


इस हेल्पलाइन का प्रबंधन ६० से अधिक आर्ट ऑफ लिविंग शिक्षक करेंगे,जिन्हें सहारा देने,आशा का संदेश देने और प्रोत्साहन देने वाले परामर्श देने में प्रशिक्षित किया गया है।यह एक पैन इंडिया अभियान है और अभी यह हेल्पलाइन ९ भारतीय भाषाओं में चलाई जाएगी-हिंदी,मराठी,गुजराती,पंजाबी, बंगाली,कन्नड़,तमिल,तेलुगु और मलयालम।शीघ्र ही इसमें अन्य भाषाओं को भी शामिल किया जाएगा।


हेल्पलाइन इस प्रकार से कार्य करती  है -


सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले ६० शिक्षकों को नशे की लत से संबंधित कॉल पर परामर्श देने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले शिक्षक, मानक उपकरणों के आधार पर मदद के स्तर का आकलन करेंगे और साथ ही साथ सहारा देने के लिए दूसरी लाइन के बारे में भी बताएंगे।सहयोगियों को लगातार परामर्श देने और पूरी तरह से स्वास्थ्य लाभ के पथ पर हाथ पकड़े रहने के लिए परामर्श दाता के रूप में मनोनीत किया गया है।यह एक दीर्घकालीन अभियान है और यह लॉक डाउन समाप्त होने के बाद भी उन लोगों को सहारा देता रहेगा,जिन्हें इसकी आवश्यकता है।


विक्रम एम ने बताया," हमारे पास ९७ शिक्षक हैं,जो ९ भाषाओं में विभिन्न भूमिकाओं में सहायता करेंगे।"


आर्ट ऑफ लिविंग के प्रान ( प्रोग्राम फॉर रिलीज फ्रॉम एडिक्शंस नेचुरली ) कार्यक्रम उन लोगों को प्रभावशाली रूप से सहारा देते हैं,जो शराब,ड्रग्स,गुटखा,तम्बाकू,सिगरेट या अन्य नशीले पदार्थों की लत से ग्रस्त हैं।


संजीव तुलस्यान
मो: 9414077108 प्रादेशिक प्रभारी (राजस्थान)आर्ट ऑफ़ लिविंग ब्यूरो ऑफ़ कम्युनिकेशन