बा के प्रति हरिलाल का स्नेह

    जयपुर, 19 नवम्बर ।प्रमोद कपूर ने अपनी पुस्तक ''गांधी एक सचित्र जीवनी''का सबसे मार्मिक पक्ष है, जब वो गांधी और उनके सबसे बड़े बेटे हरिलाल के संबंधों का जिक्र करते हैं। 



प्रमोद कहते हैं, एक बार जब हरिलाल को पता चला कि गांधी और कस्तूरबा ट्रेन से मध्य प्रदेश के कटनी स्टेशन से गुजरने वाले हैं तो वो अपने आप को रोक नहीं पाए। वहां हर कोई महात्मा गांधी की जय के नारे लगा रहा था।


     हरिलाल ने जोर से कस्तूरबा माँ की जय का नारा लगाया। बा ने नारा लगाने वाले की तरफ देखा तो वहाँ हरिलाल खड़े हुए थे। उन्होंने उन्हें अपने पास बुलाया। हरिलाल ने अपने थैले से एक संतरा निकाल कर कस्तूरबा को देते हुए कहा कि मैं ये तुम्हारे लिए लाया हूँ। सुनते ही गांधी बोले, मेरे लिए क्या लाए हो। हरिलाल ने जवाब दिया, ये सिर्फ बा के लिए है। इतने में ट्रेन चलने लगी और कस्तूरबा ने हरिलाल के मुंह से सुना बा सिर्फ तुम ही ये संतरा खाओगी...मेरे पिता नहीं।फाइल फोटो साभार गूगल