राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय , फिरोज के समर्थन में

जयपुर, 21 नवम्बर । जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने डॉ. फिरोज की नियुक्ति का समर्थन किया है। 


डॉ. माताप्रसाद शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में डॉ. फिरोज के बनारस हिंदु विश्वविद्यालय में संस्कृत असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति पर खुशी जताई है। शिक्षक संघ महासचिव शास्त्री कोसलेंदद्रास ने बताया कि संस्कृत को किसी धर्म, जाति, वर्ग तथा संप्रदाय से नहीं बांधा जा सकता। उसका किसी से कोई विरोध नहीं है। वह 'सर्वे भवन्तु सुखिन:' की बात करने वाली सनातन भाषा है। फिर उसे सिर्फ हिंदुओं तक सीमित किया जाना कहां तक उचित है? संस्कृत को किसी भी धर्म, संप्रदाय अथवा जाति विशेष से संबद्ध करना पूरी तरह से निराधार है।


कोसलेंद्रदास ने बताया कि मौजूदा दौर में संस्कृत विश्वविद्यालय में अनेक मुस्लिम विद्यार्थी संस्कृत पढ़-लिख रहे हैं। संस्कृत बंधनों से मुक्त आकाश की तरह है। यह एक भाषा तो है ही साथ में जीवित परंपरा भी है। सुकून मिलता है कि मुसलमानों के बच्चे संस्कृत पढ़ रहे हैं।


ऐसे में विरोध कर रहे बच्चों को अतिशीघ्र अपना धरना बंदकर कक्षाओं के संचालन में सफल करना चाहिए। साथ ही, संस्कृत को व्यापक भाषा बनाने के लिए प्रयास भी करना चाहिए।