नयी दिल्ली, 23 नवम्बर ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यपालों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनके प्रशासनिक ढ़ाचे के कारण केंद्र शासित प्रदेश विकास के मोर्चे पर आदर्श स्थापित कर सकते हैं।
उन्होने 1949 से शुरू हुए इस सम्मेलन के लंबे इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान 50वें संस्करण के इस सम्मेलन को पिछले सम्मेलनों की उपलब्धियों एवं परिणामों का मूल्यांकन करने और भविष्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक अनोखा अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघीय ढांचे को साकार करने में राज्यपाल पद की विशेष भूमिका है।
यह सम्मेलन राज्यपालों और उपराज्यपालों के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने के साथ-साथ प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश की विशिष्ट एवं विविध आवश्यकताओं और उनके अनुकूल सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं को अपनाने का अवसर प्रदान करता है।